अनकहा सच ( भाग - 15)

अनकहा सच___हितेश के पापा के यह सब बताने के बाद राजू बस सुन्न सा खड़ा रहता है। उसके अंदर एक अजीब सी घबराहट भर जाती है, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा होता कि क्या करे और क्या न करे।हितेश उसे संभालता है और कहता है, "राजू..., तू ठीक तो है ना?"राजू हितेश की तरफ देखता है और जैसे ही वह हितेश को देखता है, वह फूट-फूट कर रोने लगता है। हितेश उसे गले लगाता है और सँभालता है। हितेश के माँ-पापा भी राजू को संभालने की कोशिश करते हैं।राजू एकटक खड़ा रहता है और हितेश से कहता है, "यार