अनकहा सच (भाग-11)

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अनकहा सच____हितेश को यह सब बताने के बाद....राजू ने अपनी आँखों से बहते आँसुओं को पोंछते हुए कहा, "इसीलिए हितेश... मेरे पापा की यह हालत है। वे मेरी बहन को बिल्कुल पसंद नहीं करते। वे अक्सर नशे में धुत होकर उसपे चिल्लाते हैं, उसे भला - बुरा कहते हैं— उससे कहते रहते हैं कि 'उस दिन जैसे तेरा भाई चला गया, वैसे ही तू भी क्यों नहीं चली गई? चली जाती यहाँ से, तो कम से कम मेरी आँखों के सामने तो नहीं रहती!' उस हादसे के बाद से पापा का दिमाग जैसे काम करना बंद कर चुका है। वे