नन्ही चिड़िया

बहुत समय पहले की बात है। एक घने हरे पेड़ की सबसे ऊँची डाल पर एक नन्हीं सी चिड़िया ने अपना छोटा सा घोंसला बनाया था।उस घोंसले में कुछ नहीं था, बस कुछ तिनके, दो सूखे पत्ते और उसकी मेहनत। पर उसने तिनका-तिनका जोड़कर उसे इतने प्यार से सजाया था कि वो किसी महल से कम नहीं लगता था।रोज सुबह जब सूरज की पहली सुनहरी किरण धरती पर आती और आकाश में नीलिमा छा जाती, तो वो नन्हीं चिड़िया अपने नाजुक से पर फैलाती और भोजन की तलाश में उड़ जाती। कभी किसी खेत से दाना मिल जाता, कभी किसी