बांसुरी की धुन - भाग 14

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बाँसुरी की धुनभाग 14 — प्रकृति का रहस्यरामलाल ने उत्सुकता से पूछा, “काका, क्या मेरे बाबा ने अपनी आँखों से आपको कुछ कहना चाहा था?”रामेश्वर कुछ देर मौन रहे। फिर बोले, “बेटा, उनकी आँखें धँसी हुई थीं। वे बहुत चिंतित दिखाई दे रहे थे, लेकिन उस समय मैं उनके मन की बात समझ नहीं पाया।”रामलाल ने गंभीर स्वर में कहा, “काका, मुझे लगता है कि उनके मन में कोई ऐसी बात थी, जिसे मैं अभी तक समझ नहीं पाया हूँ।”रामलाल कुछ कहता, उससे पहले घर की चाली से लातू की आवाज सुनाई दी। वह भीतर आते हुए बोला, “बाबा, रामलाल