कुछ दोस्त थे मेरे और बड़ी ही गहरी दोस्ती थी हमारी। हाँ, मैंने कहा गहरी दोस्ती थी हमारी। एक ऐसी दोस्ती जो खुद मे एक मिसाल हुआ करती थी, ऐसा नहीं है की आज नहीं हैं, पर अब शायद कहीं गुम गयी है, थम गयी है, या फिर कहीं ठहर गयी है । एक नजरिये से कह सकते है की सब अपने अपने कॅरिअर बनाने मे व्यस्त है, पर मेरे ख्याल से आप कितना भी व्यस्त क्यों ना हो, अगर आप वक़्त निकालना चाहते है, तो वो आप कर सकते है। वो घंटो फोन पे बेवजह बतियाना, वो whatsapp पर 100- 150 messages हमेशा