A Normal Day

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सुबह के आठ बजकर सत्रह मिनट हो चुके थे।कमरे की खिड़की से आती हल्की धूप धीरे-धीरे बिस्तर तक पहुंच रही थी।नकुल की आंखें खुलीं। कुछ क्षणों तक वह छत को देखता रहा फिर उसने पास रखी घड़ी उठाई।8:17 AM.उसका चेहरा बिल्कुल शांत था लेकिन अगले ही पल—नकुल: "देर हो गई।"वह बिस्तर से उठ गया। कमरे में ज्यादा सामान नहीं था।एक साधारण बिस्तर, लकड़ी की अलमारी, किताबों से भरी एक छोटी shelf और खिड़की के पास रखा एक पौधा।नकुल सीधे bathroom में चला गया।कुछ देर बाद वह नहाकर बाहर आया।उसने अपनी शर्ट पहनी, बाल ठीक किए और मेज पर रखी घड़ी