जिलिंगटांडी गाँव में अब रामलाल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ होने लगी थीं।कोई कहता—“रामलाल को किसी अज्ञात देवता का आशीर्वाद है।”दूसरा कहता—“बाँसुरी की वह मधुर धुन सिर्फ उसी को सुनाई देती है।”तीसरा धीरे से बोलता—“और उस दिन पीपल के नीचे मिली माँ काली की माला... शायद उसी शक्ति की कोई निशानी हो!”गाँव में तरह-तरह की बातें होने लगी थीं।लेकिन कुछ लोग रामलाल के पक्ष में भी बोलने लगे थे।“इसने बुराई क्या की है?”“दीक्षा लेकर कोई गुनाह तो नहीं किया।”“उलटे अपना जीवन सही दिशा में ले जा रहा है।”इन्हीं चर्चाओं के बीच एक सुबह रामलाल स्कूल जाने के लिए घर से