: : प्रकरण : 4 : : एक दिन मैं बाहर चोल में आराम खुर्शी डालकर बैठा था. उस वक़्त किसी ने मुझे बताया था. " गली के नुक्कड़ पर कुछ लोग अपूर्व की धुलाई कर रहे हैं. " वह मेरा दोस्त था उस को बचाना मेरा फ़र्ज था. मैं तुरंत दौड़कर नुक्कड़ पहुंच गया था. कौन उसे मार रहा था?. यह देखकर मैं चौंक सा गया था. मेरे तीन क्लास मेट्स, नजदीकी दोस्त यह हरकत कर रहे थे. उन्हें भला अपूर्व से क्या दुश्मनी थी?..