कुत्रिम बुद्धिमता - 3

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                              :  प्रकरण - 3  :       तैयार होकर हम लोग पहले होटल में खाना खाने गये थे.       पिताजी ने फुल थाली का ऑर्डर दिया था.       आम का मौसम था तो आमरस देखकर मैं खुश हो गया था. मुझे वह बहुत पसंद था. पिताजी मेरी पसंद जानते थे. रात का समय था. ज्यादा खाने से हजम नहीं होगा. इस बात को दयान में रखकर पिताजी ने मुझे सलाह दी थी.       " आमरस अच्छा हैं लेकिन ज्यादा खाना मत खाना.         ऊन को एसिडिटी की समस्या थी. इस लिये उन्हो ने ने मुझे भी आमरस से दूर रहने की