बादल(एक प्रेरणादायक हिन्दी कहानी)लेखक: विजय शर्मा एरीआकाश कभी खाली नहीं होता।कभी उसमें सूरज चमकता है, कभी चाँद मुस्कुराता है, और कभी बादल छा जाते हैं।लोग बादलों को सिर्फ़ बारिश का कारण समझते हैं। कुछ उन्हें अंधेरा मानते हैं, कुछ रुकावट। लेकिन सच तो यह है कि बादल ज़िंदगी के सबसे बड़े शिक्षक होते हैं। वे सिखाते हैं कि बदलाव ज़रूरी है, धैर्य ज़रूरी है, और हर अंधेरे के बाद उजाला आता है।यह कहानी है एक साधारण से लड़के, आरव की।आरव पंजाब के एक छोटे से गाँव, अजनाला के पास बसे ‘सुखपुर’ का रहने वाला था। उम्र पंद्रह साल। पिता किसान