ए.आई. बन गयी जादुई चिराग का जिन्न

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बचपन में जादुई चिराग के घिसने से निकलने वाले जिन्न या जिन्नात की बेमिसाल ताकत और करामात की कहानियाँ सुन सुन कर दिमाग चकराया करता  था और हम किसी दूसरी दुनिया में  पहुँच  जाते थे. शाम को साँस रोक कर आश्चर्य से सुनी तिलस्मी कहानियां विस्मय कराती, रात में सपनों में दिख कर डराती  व रोमांचित कर किसी दूसरे लोक में ले जाया करती थी.  जादुई  चिराग में या जादूई अंगूठियों  के जरा रगड़ने से आनन फानन में एक शक्तिशाली जिन्न हाज़िर होकर अपने आका का  हुकुम पाते ही बड़े से बड़े काम चुटकी बजाते कर डालता था, चाहे झोंपड़ी