हिमाचल के सुदूर पहाड़ों में बसा ‘कुफरी-वैली’ का वह हिस्सा हर साल नवंबर आते-आते बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाता था। सुबह चार बजे से ही पूरी घाटी को सफेद, घनी धुंध अपने आगोष में ले लेती थी। शाम ढलते ही तापमान शून्य से नीचे गिर जाता और हवा में एक अजीब सा सन्नाटा तैरने लगता।इन्हीं पहाड़ियों की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित था 'रोज़वुड मैनर'—180 साल पुराना एक विक्टोरियन शैली का बंगला। लकड़ी की नक्काशीदार दीवारों, ढलानदार छतों और बड़ी-बड़ी मेहराबदार खिड़कियों वाला यह बंगला बाहर से जितना भव्य दिखता था, अंदर से उतना ही वीरान था। आसपास