BANK ROBBERY — PART 3 बैंक खुले एक घंटे से अधिक का समय हो चुका था। बैंक के अंदर एक अजीब-सा तनाव पसरा हुआ था। कस्टमर्स, बैंक कर्मचारी और चारों नकाबपोश अब सभी लगभग एक ही ड्रेस में दिखाई दे रहे थे। पहली नज़र में किसी के लिए यह पहचानना मुश्किल था कि कौन बैंक का कर्मचारी है और कौन लुटेरा। फर्क सिर्फ इतना था कि नकाबपोशों के हाथों में गन थीं। बैंक के हॉल में बैठे कस्टमर्स सहमे हुए थे। कोई चुपचाप नीचे देख रहा था, तो कोई बार-बार घड़ी की तरफ देख रहा था। कुछ लोगों के चेहरों