सनातन संवाद मंडल

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एक कहानी — ज्ञान, संवाद और अपने सनातन परिवार को समझने कीलेखकशिवम कुमार पाण्डेयअध्याय 1 — वह शाम जब एक प्रश्न उठाशाम का समय था। आकाश में हल्की लालिमा बची हुई थी। मोहल्ले के पुराने बरामदे में पाँच मित्र बैठे थे—अमित, निखिल, राघव, विवेक और मोहन। सामने चाय के पाँच गिलास रखे थे और बातचीत कभी रोज़मर्रा की बातों पर जाती, कभी इतिहास और धर्म पर लौट आती।अमित ने अचानक पूछा, “हम लोग अपने धर्म के बारे में आखिर कितना जानते हैं?”निखिल हँस पड़ा। “इतना तो जानते हैं कि हम सनातन धर्म को मानते हैं।”“लेकिन अगर कोई हमारे सामने हमारे