बांसुरी की धुनभाग : ०५प्रश्न जटिल था, लेकिन रावण हेंब्रम के चेहरे पर अब भी वही शांति थी।उन्होंने कुछ क्षण उस व्यक्ति की ओर देखा, फिर थोड़ा गंभीर होकर बोले—“भाई, आपने जो प्रश्न किया है, वह केवल आपका प्रश्न नहीं है। ऐसे प्रश्न बहुत-से लोगों के मन में हैं। इसलिए इसका उत्तर भी स्पष्ट होना चाहिए।”उन्होंने माइक को थोड़ा पास किया।“युगपुरुष वही होते हैं, जिनके जीवन में सत्य और आदर्श का प्रकाश दिखाई देता है। मनुष्य जन्म से मनुष्य ही होता है। परमात्मा की दृष्टि में किसी मनुष्य का मूल्य केवल उसकी जन्मभूमि या कुल से निर्धारित नहीं होता।”सभा शांत