एपिसोड 47: S-21 के कमरे में छुपा सचदरवाजा धीरे-धीरे खुल चुका था।उसके पीछे घना अंधेरा था।इतना गहरा अंधेरा कि सामने खड़े इंसान की सिर्फ परछाईं दिखाई दे रही थी।लेकिन उसकी उंगली में मौजूद नागमुद्रा की रिंग साफ चमक रही थी।साँवी ने अनजाने में आर्यवीर का हाथ और कसकर पकड़ लिया।“ये कौन है?”आर्यवीर ने कोई जवाब नहीं दिया।उसकी नजरें लगातार उस आदमी पर थीं।राघव आगे बढ़ने लगा।“कौन हो तुम?”अंधेरे में खड़ा आदमी हल्का-सा हँसा।“तुम्हें सच में लगता है कि मैं अपना नाम बताकर तुम्हारा काम आसान कर दूँगा?”राघव रुक गया।राजवीर ने तुरंत अपनी जेब से फोन निकाला।“मैं पुलिस को—”“पुलिस?”आदमी फिर हँसा।“राजवीर…