पितादीपा अपने किसी पारिवारिक काम से भैया से मिलने उनके घरगई थी। उसने ड्राइंग रूम में झांक कर देखा भैया के पास बहुत सेअपरिचित लोग बैठै हुए थे। इसलिये वह भैया से न मिलकर घर मेंजाकर भाभी के पास बैठ गई। भैया नगर के ही नहीं इस क्षेत्र केप्रतिष्ठित, सम्पन्न व व्यवहार कुशल ऊँची पहुँच रखने वाले राजनेताभी है। हैं तो वे मुँहबोले भैया परन्तु दीपा का उस घर से पुराना रिश्ताहै तो वह बिना सूचना या अनुमति के कभी भी किसी भी काम केलिये उनसे मिलने चल देती थी और भाभी से भी घंटो इधर-उधर कीबातें करती रहती थी।साधारण