सौतेली माँ का साया (भाग 2)

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समाज के ताने और नई परीक्षालेखक: निशा चौधरीअस्पताल से घर आने के बाद रोहन और सुनीता का रिश्ता पूरी तरह बदल चुका था। जिस घर में पहले सन्नाटा और नफरत की दीवार थी, अब वहाँ हँसी और प्यार की चहक गूँजने लगी थी। रोहन अब हर छोटी-बड़ी बात सुनीता से शेयर करता, उसके बनाए खाने की तारीफ करता और शाम को स्कूल से लौटते ही 'माँ' कहकर पूरे घर में ढूंढता।सुनीता के लिए रोहन का एक बार 'माँ' कहना उसकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी दौलत बन गया था। राकेश जब शहर से वापस लौटे, तो अपने घर की यह बदली