असली सुकून

  • 360
  • 114

कहानी अंधी दौड़ से सुकून तकलेखिका डॉ वंदना शर्मा रीना अभी-अभी ऑफिस से आई थी। लैपटॉप मेज पर रखकर वह फ्रेश होने चली गई। फ्रेश होकर उसने एक कप कॉफी बनाई और फोन में मेल चेक करने लगी।मेल देखते ही उसकी आँखें भर आईं - "बधाई हो रीना! आपको 'सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार' के लिए चुना गया है।"उसका दिल किया जोर से चिल्लाए। उसने तुरंत अपने पति रोहन को फोन लगाया।"रोहन, सुनो! मुझे बेस्ट एम्प्लॉयी का अवॉर्ड मिला है!"दूसरी तरफ से थकी हुई आवाज आई, "हाँ तो? इसमें इतना खुश होने की क्या बात है रीना? यही छोटी-छोटी बातों में खुश होती