सत्य के साथ शक्ति

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यह पुस्तक मैंने हिंदुओं के बीच एकता व आपसी प्रेम लाने के लिए लिखा है ।“एक हिंदू को दूसरे हिंदू की बातों से उसकी कमजोरी पहचानकर उसका लाभ उठाने या उसे सताने की प्रवृत्ति नहीं रखनी चाहिए। उसे उसकी कमजोरी का कारण समझने, उसकी समस्या को जानने और जहाँ संभव हो, उसे समाधान तक पहुँचाने का प्रयास करना चाहिए। किसी की कमजोरी शोषण का अवसर नहीं, बल्कि सहायता और मानवता दिखाने का अवसर होनी चाहिए।”शारीरिक क्षमता, बौद्धिक सामर्थ्य, आत्मरक्षा और सत्यनिष्ठ जीवनलेखक: शिवम कुमार पाण्डेयप्रकाशन वर्ष: 2026एआई सहायता संबंधी घोषणायह पुस्तक एआई की सहायता से तैयार की गई है। पुस्तक