अब आगे ,शौर्य और सांझ से कोई जवाब ना पाकर नैना जी ने दोबारा आवाज दी , " शौर्य ! ! . . . . . सांझ बेटा तुम दोनों कब तक नीचे आओगे ? ? शौर्य नैना जी की आवाज दोबारा सुनकर कमरे से बाहर आ गया और ऊपर से नीचे झांकते हुए बोला , " मम्मी सांझ अभी तैयार हो रही है , बस उसके तैयार होते ही हम भी तैयार हो जाएंगे । " " ठीक है ! ! लेकिन तुम दोनों जल्दी करो ! " नैना जी फूलों की थाल मंदिर की तरफ ले जाते हुए बोली ।शौर्य