अध्याय-२६राजेश ने अमृता को जो पिछली रात वचन दिया था, वह उस पर खरा उतरा। राजेश को पापा के बचपन के दोस्तों से लेकर फिलहाल अमेरिका के दोस्तों में से जितनों का परिचय था, उन सभी के व्हाट्सएप नंबर लिए और फिर सबकी अनुमति से एक ग्रुप बना दिया। इस पूरी बात से रमेशभाई अभी अनजान ही थे।रमेशभाई सुबह जल्दी उठकर सपरिवार मंदिर गए, ताकि शोभा की आत्मा को शांति मिले और प्रभु से प्रार्थना करके तथा आरती का आनंद लेकर घर वापस लौटे। रमेशभाई का मन अभी भी उचाट था। अतीत उनकी आँखों के सामने ताज़ा हो गया था।