बाल कहानी - मोहमायामीना नाम की एक दस साल की प्यारी सी बच्ची थी। वो बहुत समझदार थी, पर एक बात से बहुत उदास रहती थी।उसके घर में उसका जन्मदिन कभी नहीं मनाया जाता था। उसके मम्मी-पापा काम में बहुत व्यस्त रहते थे।एक दिन मीना अपने घर के छोटे से मंदिर में बैठकर भगवान जी से प्रार्थना करने लगी - "हे भगवान जी, मेरे मम्मी-पापा मेरा बर्थडे नहीं मनाते हैं। मैं भी अपना जन्मदिन मनाना चाहती हूँ। आप कुछ ऐसा करो जिससे मेरा जन्मदिन सबसे खास, सबसे बड़ा हो जाए।"मीना की सच्ची प्रार्थना सुनकर तभी वहाँ एक रोशनी हुई और