चैप्टर 1: अवेकनिंग फेलआसमान में ढलते सूरज की लालिमा धीरे-धीरे पूरे लोटस माउंटेन पर फैल रही थी।छोटी सी सिटी की सड़कों पर लोग अपने-अपने घरों की तरफ लौट रहे थे।पेड़ों के ऊपर बैठे पंछी भी शोर मचाते हुए अपने घोंसलों की तरफ उड़ चुके थे।क्योंकि दिन खत्म हो रहा था।और ये वक्त था… अपने घर लौटने का।लेकिन उसी शहर के किनारे एक पुराने बरगद के पेड़ की एक ऊँची शाख पर एक लड़का चुपचाप बैठा हुआ था।उसकी नज़रें सामने डूबते हुए सूरज पर टिकी थीं।आँखें हल्की लाल हो चुकी थीं।मानो वो बहुत देर से खुद को रोने से रोक रहा