DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 2 Scene 3

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"बाबा आज क्या क्या करना है?" दरगाह के अंदर नौशीन ने चारों तरफ़ देखते हुए पीर से सलाह लिया"तुम्हें तो ख़बर है की आज काफ़ी लोग आएंगे दरगाह और शाही घराने से भी लोग आ सकते हैं इसलिए काम बहुत है, तुम अपने साथ वाली लड़कियों को भी साथ रखो और अभी ऐसा करो पानी वगैरह का इंतज़ाम देख लो और जहां पर मिस्किनो को कपड़े वगैरह दिए जाते है वहां पर अम्हेल तुम चली जाओ, उनका ध्यान रखना की सबको सब बराबर से मिले। मेहमान खाने की तैयारी भी देख लेना। अब जाओ जल्दी वक़्त मत ज़ाया करो।" पीर