SCENE 1."मूंशीजी, आपको और शेख़ बाबा को मैंने एक बहुत अहम काम सौंपा था, क्या हुआ उसका?" अम्मा साहब की आवाज़ कमरे में गूंज उठी। उन्होंने अपने कमरे ऐवान-ए-सद्र में बैठे चाय पीते हुए मुंशीजी से कड़े, रोबीले अंदाज में आजकल मीरास महल में हो रही सबसे अहम बात का आगाज़ किया। ऐवान-ए-सद्र मीरास महल का शाही कमरा - इसमें दरवाज़े से अंदर आते ही थोड़ी दूरी पर बाएं जानिब बिस्तर लगा है जिसके बगल में एक मेज़ रखी है और उसके क़रीब बड़ा सा आइना और सिंगारदान। बिस्तर के ठीक सामने चार दीवान है जिसके बीचो बीच बड़ा सा मेज़ है,