परिस्थिति को संचालित करें परिस्थितियों के मुताबिक जीवन बिताना ही समझदारी है…परिस्थिति बदलते देर नहीं लगती️ लेखक -कांतिभाई राठौड़।_______________________________________________ भावुक भूमिका — एक परिस्थिति, जो पूरी ज़िंदगी बदल गईकहते हैं, इंसान अपने जीवन की परिस्थितियाँ चुन नहीं सकता, लेकिन उन परिस्थितियों में कैसे जीना है—यह जरूर चुन सकता है।कभी जिंदगी हमें फूलों से भरी राह देती है और कभी उसी राह पर इतने काँटे बिछा देती है कि हर कदम दर्द देने लगता है।लेकिन जिंदगी की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि कोई भी परिस्थिति हमेशा नहीं रहती।आज आँखों में आँसू हैं तो कल मुस्कान भी आ सकती है।आज