आखिरी चिट्ठीशहर के किनारे बसे एक छोटे-से गाँव में सिया नाम की सत्रह साल की लड़की रहती थी। उसका परिवार बहुत साधारण था। पिता खेती करते थे और माँ घर के साथ-साथ सिलाई का काम भी करती थीं। सिया पढ़ाई में बहुत अच्छी थी और उसका सपना था कि वह आगे पढ़कर अपने माता-पिता का सहारा बने।लेकिन पिछले कुछ महीनों से घर की परिस्थितियाँ ठीक नहीं थीं। बारिश कम होने के कारण फसल खराब हो गई थी। पिता पर पहले से ही कुछ कर्ज था और अब घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया था।एक शाम सिया ने पिता