आखरी दस्तक

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अंधेरी रात, एक बंद कमरा और दरवाजे पर वह दस्तक... जो कोई आम मेहमान नहीं, बल्कि संजय के अतीत का भयानक सच लेकर आई थी! क्या होता है जब इंसान दौलत के लालच में अपने ही भाई जैसे दोस्त को मौत के मुंह में ढकेल देता है? क्या गुनाह का साया कभी पीछा छोड़ता है? जानिए इस रोंगटे खड़े कर देने वाली सस्पेंस-थ्रिलर कहानी में...रात के दो बज रहे थे। बाहर मूसलाधार बारिश और बादल की गरज के बीच संजय अपने कमरे में बैठा लैपटॉप पर काम कर रहा था। घर में उसके अलावा कोई नहीं था—पत्नी स्नेहा दो दिन