एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 14

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भाग 14 — एक और परीक्षासुबह के करीब आठ बजे थे।मिहिर ऑफिस जाने के लिए तैयार हो रहा था।निशा बच्चों के टिफिन तैयार कर रही थी और घर में रोज़ की तरह सुबह की भागदौड़ चल रही थी।मिहिर ने अपनी घड़ी पहनी ही थी कि उसका फोन बजा।स्क्रीन पर ऑफिस के मैनेजर का नाम देखकर वह कुछ पल के लिए रुक गया।“हैलो सर?”दूसरी तरफ से आवाज आई—“मिहिर, आज ऑफिस थोड़ी जल्दी आ जाना। तुमसे जरूरी बात करनी है।”“सब ठीक है ना सर?”कुछ सेकंड की खामोशी के बाद जवाब आया—“ऑफिस आओ, फिर बात करते हैं।”फोन कट गया।मिहिर के मन में अचानक