अधूरापन - 20

  • 216
  • 63

अध्याय-२०रमेशभाई ने भार्गवी और गायत्री दोनों को फोन पर ही अमृता के समाचार दे दिए थे। अमृता के ऑपरेशन की बात सुनकर गायत्री तो एकदम अवाक् ही रह गई। वह एक साथ न जाने कितने सवाल अपने पापा से कर रही थी। पापा ने उसे शांत करते हुए कहा, "बेटा! तू चिंता मत कर। मानसकुमार को बात बता दे और फिर रोशनी उठ जाए तो शांति से अस्पताल आ जाना। तेरे सारे सवालों के जवाब तुझे वहीं मिलेंगे।"रमेशभाई अस्पताल में आज अपने परिवार के बीच हुए संवादों से अभी तक बाहर नहीं निकल पा रहे थे। बार-बार शोभा के वे