अधूरापन - 19

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अध्याय-१९राजेश औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद सीधा अमृता के पास गया था। अमृता का हाथ पकड़कर बोला, "मुझे तुम्हारा साथ चाहिए इसीलिए मैंने तुम्हारा हाथ पकड़ा है, बाकी तुम सक्षम ही हो इन सभी कसौटियों से बाहर निकलने के लिए... लेकिन अब तुम्हारे बिना मैं नहीं जी पाऊँगा। मुझे मेरे उठने से लेकर सोने तक तुम्हारा चेहरा मेरी आँखों के सामने चाहिए... तुम..."राजेश अभी बोल ही रहा था, लेकिन अमृता ने अपना हाथ राजेश के होठों पर रखकर उसकी बात अधूरी छोड़ते हुए खुद बोलने लगी, "किसने कहा कि मैं आपके साथ के बिना रह पाऊँगी अब??" इतना बोलकर असहनीय