अधूरापन - 17

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अध्याय-१७अपूर्व जब अपने कमरे में गया, तब भार्गवी अलमारी में कपड़े व्यवस्थित रख रही थी। वह पीठ फेरकर खड़ी होकर अपना काम कर रही थी, इसलिए उसे अंदाज़ नहीं था कि अपूर्व दरवाज़े के पास खड़ा होकर उसे ही निहार रहा है। भार्गवी कपड़े रखकर अलमारी का दरवाज़ा बंद करने ही वाली थी कि उसकी नज़र अपूर्व के उस कोट पर पड़ी, जो उसने अपनी शादी के समय पहना था। उसने उस कोट पर हाथ फेरा और बोली, "अपूर्व, मैं आपकी विरोधी नहीं हूँ, लेकिन हमारे विचार अलग होने के कारण आज रात खाना खाते समय मैं अमृता भाभी और