एडीआर (एशोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-मई 2026 में हुए चार बड़े राज्यों के विधानसभा चुनावों में 794 निर्वाचित नुमाइंदों में-से 451 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें भी 322 के खिलाफ गंभीर किस्म के अपराध जैसे हत्या, हत्या का प्रयास व बलात्कार जैसे मामले हैं।ऐसे मामलों में केरलम राज्य के हालात बदतर हैं, जहां 140 में-से 114 दागी नुमाइंदे विधानसभा पहुंच चुके हैं। सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि जिस छोटे से राज्य में 80 प्रतिशत जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक रिकार्ड दर्ज हो, उस राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत कितनी बेहतर हो सकती है?इसके बाद