इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने एक अहम फैसले में तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी कुप्रथाओं पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है,‘‘ऐसी कुप्रथाओं की आड़ में महिलाओं के यौन शोषण की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसी प्रथाएं समाज का काला पन्ना है, जो संवैधानिक मूल्यों, समानता और मानवीय गरिमा के विरूद्ध है। ऐसे कृत्य न केवल कानूनी रूप से अपराध हैं, बल्कि समाज की सामूहिक अंतरात्मा को झकझोरनेवाली हैं।’’खंडपीठ ने पीड़िता के पूर्व पति, चाचा, मौलाना समेत 9 आरोपियों की याचिका को सिरे से खारिज करते हुए कहा है,‘‘पर्सनल लॉ