DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 1 Scene 3

"अम्मी जान भाई जान को पता नहीं क्या हो गया है बहुत गुस्से में है, जल्दी आपको बुला रहे हैं।" माहम ने परेशान होकर अम्मीजान से कहा"भाइयों के सामने बहनों की ऐसी हरकतें रहने लगेंगी तो भाई क्या करेंगे? गुस्सा तो उसे करना ही है ना।" अम्मी जान ने भी गुस्से में कहा और उठकर कमरे से जाते-जाते कहने लगी "उस लड़की को एक पल का सुकून नहीं मिलता है, न हवेली में सुकून रहने दे सकती हैं, ये सुधर नहीं सकती है, क्या हो जाता अगर मान लेती वाजदान की बात। पहले हवेली की तरबियतें भूल गई, अब बड़े भाइयों