आत्म सम्मान सर्वोपरि नेहा गुरुद्वारे से लौट रही थी तो गली के बाहर बिजली के खंभे पर एक छोटा सा पम्पलेट चिपका देखा। उस पर लिखा था - "क्लिनिक के लिए योगा टीचर / रिसेप्शनिस्ट की आवश्यकता है।"नेहा को ऐसी ही किसी नौकरी की तलाश थी जो घर के पास हो, ताकि वह अपने बेटे राहुल की देखभाल के साथ-साथ कुछ अपना भी कर सके। मन में सोचा, दो-चार घंटे का काम होगा तो घर भी संभल जाएगा और गृहस्थी में भी कोई बाधा नहीं आएगी।शाम को ठीक छह बजे वह क्लिनिक पर डॉक्टर से बात करने पहुँच गई। रिसेप्शनिस्ट ने