रांड का संड - भाग 1

  • 222
  • 69

बहुत पुराने ज़माने की बात है। एक छोटा-सा गाँव था। उसी गाँव में एक बूढ़ी औरत रहती थी। उसका पति कब का मर-खप चुका था। घर में बस वही बूढ़ी औरत और उसका एक इकलौता बेटा बचा था।अब बेटा इकलौता था तो क्या हुआ?निकम्मापन ऐसा कि गाँव भर में उसके बराबर दूसरा कोई नहीं था।न काम करता, न धंधा करता, न खेत में जाता, न मज़दूरी करता। सुबह देर तक खाट तोड़ता रहता। जब भूख लगती तो उठकर हाथ-मुँह धोता, माँ के सामने बैठ जाता और कहता—“अम्मा, रोटी दे!”बेचारी माँ किसी के घर काम करती, किसी के खेत में मज़दूरी