50 साल बाद…आज के समय में रंजीत मर चुका था।लेकिन उसके द्वारा खड़ा किया गया साम्राज्य आज भी जीवित था।नहीं...सिर्फ़ जीवित नहीं था।वह पहले से कहीं अधिक विशाल, शक्तिशाली और खूंखार हो चुका था।जिस साम्राज्य की शुरुआत कभी बदले से हुई थी, वह अब एक ऐसी अँधेरी दुनिया बन चुका था, जहाँ झूठ, फरेब, लालच और गुनाह ही सबसे बड़े कानून थे।रंजीत ने इस काली दुनिया में कदम अपने परिवार के लिए रखा था।उसने हथियार उठाए थे...उन लोगों से बदला लेने के लिए जिन्होंने उससे उसका पिता और उसकी पत्नी छीन ली थी।लेकिन उसकी आने वाली पीढ़ियों ने उसी साम्राज्य