नींव के पत्थरहमारे आसपास कुछ ऐसे व्यक्ति होते हैं, जो अपने अच्छेस्वभाव, संस्कारों से निरन्तर समाज सेवा करते रहते है, परन्तु उनकीअच्छाइयों की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता, जैसे धार्मिक लोग,साहित्यकार, कथावाचक या समाजसेवी, देशभक्त, सहयोगी स्वभाववाले, प्रकृते प्रेमी - वह लोग चुपचाप बिना किसी तामझाम के अपनेअच्छे कमो से समाज व प्रकृति को सहयोग देते हैं वह किसी से कुछअपेक्षायें भी नहीं रखते, ऐसे ही सहयोगी स्वभाव वाले हमारे दादू भीथे।समाज के प्रति जागरूक देश प्रेमी दादू- सीधे, सरल, व्यक्तित्वके स्वामी थे, कांगेस के कार्यक्रमों में वो अपनी सहभागिता अवश्यनिभाते थे- कोई बुलाये या ना बुलाय, उन्हें मालूम भी