राहें - 23

पश्चातापमनीषा मंदिर जाते समय अपने पुत्र देवेश को बोली- "मैं मंदिरजा रही हूँ तुम अपने ऑपरेशन के लिये हॉस्पीटल जाते समय मुझेमंदिर से साथ ले लेना'- और वह मंदिर चली गई।देवेश के कमर में बड़ा फोड़ा हो गया था जिसके ऑपरेशन केलिये डाक्टर ने देवेश को सुबह 8 बजे खाली पेट हॉस्पीटल बुलायाथा। देवेश पत्नी श्रद्धा के साथ मंदिर से मॉ को लेकर हॉस्पीटल पहुँच गये, साथ में उनका मित्र वरूण भी था। ऑपरेशन होने से पहलेदेवेश का ब्लड टेस्ट व शुगर टेस्ट किया गया।देवेश हँसमुख स्वभाव का था, उसने सिस्टर से ब्लड व शुगर कीटेस्ट रिपोर्ट मॉगी, जब सिस्टर ने