अपनी अपनी सोचतेजू को आता देखकर सेठ धरमचंद बोले - आज तुम फिर लेटहो गये। बहुत ग्राहक बैठे हैं तुम्हारे इन्तजार में ।तेजू बोला क्या करू? सेट मकान मालकिन हेमा बहुतबीमार है ,उसकी देखभाल कर ,दवा देकर व उसे खाना बनाकरखिलाकर आता हूँ, इसलिये देर हो जाती है।सेठ बोले - उस दाई के कोई बेटी या बेटा नहीं, जो तुम उसकीसेवा करते हो?तेजू बोला- है मालिक, हेमा दाई के एक बेटी है जो दूसरे गॉवमें रहती हैं, मैं उसे दो बार खबर भेज चुका हूँ। परन्तु वह नहीं आतीहेमा दाई कराहती है, रोती है तो देखा नहीं जाता, दाई के