बारह बजे के बाद - 4

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अध्याय – 4 : गायब डायरी     पुलिस मुख्यालय की घड़ी रात के ग्यारह बजा रही थी।पुलिस अधीक्षक आर्यन राठौर अपनी मेज़ पर फैली फ़ाइलों को एक-एक करके देख रहे थे। घटनास्थल की तस्वीरें, फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान—हर दस्तावेज़ किसी न किसी दिशा में इशारा करता था, लेकिन कोई भी दिशा अंत तक नहीं पहुँचती थी।  उसी समय उनके सामने मंत्री महेश्वर प्रताप सिंह के निजी सचिव दिनेश सक्सेना को लाया गया। दिनेश का चेहरा थका हुआ था। आँखों में भय साफ़ दिखाई दे रहा था। आर्यन ने सीधे प्रश्न किया—"मंत्री जी की कोई