राज़ के सात फेरे - 4

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अन्विका जैसे ही झटके से संभलकर सीधी हुई, उसने हैरानी से सामने देखा।कुछ ही दूरी पर कई किन्नर खड़े थे। वे सभी तालियाँ बजाते हुए नई-नवेली दुल्हन और दूल्हे को आशीर्वाद देने के लिए उनकी गाड़ी के पास आ गए थे।मुंबई की व्यस्त सड़क पर अचानक गाड़ियों का काफिला रुक जाने से कुछ पल के लिए हलचल मच गई थी।राठौर परिवार की सिक्योरिटी तुरंत सतर्क हो गई। आगे-पीछे चल रही एसयूवी से कई गार्ड उतरकर चारों तरफ नजर रखने लगे। उनके हाथों में आधुनिक हथियार थे और आँखें हर तरफ घूम रही थीं।लेकिन...अन्विका की नजर उन किन्नरों पर नहीं रुकी।उनके