अलसुबह का समय था। वातावरण में कोहरा छाया हुआ था और कोहरे के कारण आसपास एकदम ठंडक फैली हुई थी। माउंट आबू हिल स्टेशन के किसी ऊंचे पर्वत पर स्थित थोड़े समतल भाग पर आठ-दस टेंट लगे हुए थे। ये टेंट माउंट आबू शहर की आबादी से काफी ऊंचाई पर होने के कारण, यहाँ से दूर माउंट आबू की लाइटें दिखाई दे रही थीं।वातावरण में मौजूद कोहरे के कारण वे लाइटें आसमान में टिमटिमाते तारों जैसी लग रही थीं। अभी भी आसमान में बादलों के पीछे छिपा चाँद कभी-कभी क्षितिज पर ओझल हो जाता तो कभी-कभी दिखाई दे रहा था।मानो