संकल्प मां का , आसमान बेटी का रीना शहर में पली-बढ़ी आधुनिक विचारों की संस्कारी लड़की थी। पढ़ी-लिखी, अपने पैरों पर खड़ी होने का सपना देखने वाली। पर किस्मत को कुछ और मंजूर था। किसी पारिवारिक वजह से उसकी शादी गांव के एक रूढ़िवादी परिवार में हो गई। ससुराल में कदम रखते ही रीना को लगा जैसे वो किसी पुराने जमाने में आ गई हो। यहां बड़े सख्त नियम थे। ससुर और जेठ के सामने बैठना मना था, खड़ा रहना पड़ता था। पर्दा करना जरूरी था। घर में सबसे आखिर में खाना मिलता था - पहले सबको खिलाओ, फिर खुद खाओ।पहले-पहले रीना घुटती