अध्याय - १३अमृता को यह समझने में देर न लगी कि रिपोर्ट अच्छी नहीं आई है, क्योंकि इस तरह सरेआम राजेश अमृता से लिपट गया, यह इतने सालों में आज पहली बार ही हुआ था। राजेश के इस व्यवहार के कारण उसके मन में अनजाना डर बैठ ही गया था।राजेश के पास शब्द ही नहीं थे कि वह अमृता से क्या कहे?अमृता ने खुद ही फाइल लेकर रिपोर्ट पढ़ ली। रिपोर्ट पढ़ते ही एक पल के लिए उसका दिल एक धड़कन भूल गया। आंखों की पलकों तक आंसू आकर रुक गए। उसका गला भर आया, लेकिन कुछ ही क्षणों में