अध्याय – 3 : झूठ की पहली परतपहली जनवरी की दोपहर। मंत्री महेश्वर प्रताप सिंह की हत्या की खबर पूरे राज्य में जंगल की आग की तरह फैल चुकी थी। समाचार चैनलों पर केवल एक ही खबर थी—"सत्ता के सबसे ताकतवर मंत्री की रहस्यमय हत्या।" कहीं इसे राजनीतिक षड्यंत्र कहा जा रहा था, तो कहीं निजी दुश्मनी लेकिन पुलिस अधीक्षक आर्यन राठौर किसी निष्कर्ष पर पहुँचने की जल्दी में नहीं थे। वे जानते थे कि हर हत्या अपने पीछे केवल सबूत ही नहीं, बल्कि कई झूठ भी छोड़ जाती है और कई बार झूठ, खून से भी गहरे निशान छोड़ते हैं।विश्राम