जिंदगी की दूसरे किनारा - 31

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जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 31और तभी अचानक मेघना के सांस चढ़ते हुए अटक जाती है और अचानक उसके पलके झट से आवाज सुनते हूए सुकोड़ते हुए खुलती है और तभी अचानक दिखती है  उसकी आंखें भरी हुई और अचानक फिर पलके झुपकते हुए उसकी पलके अपने आप बंद हो जाती है और अभीमेघना अपने बिस्तर पर है सोई हुई वह किसी और कमरे में है अपने किराए की रूम में नहीं और तभी बाहर से अचानक फिर से  ऊंची आवाज आती हैमॉम क्या  नाश्ता बन गयाऔर वही वह दूसरी तरफ रिया की आवाज है  रिया अपने कमरे से निकलते हुए गलीयोरो से गुजरते हुए और अपनी मां को आवाज लगाते हुए किचन की तरह बढ़ रही है और