अधूरापन - 12

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अध्याय - १२राजेश और अमृता डॉक्टर के पास पहुँचते तब तक दोनों मन ही मन विचारों में उलझे हुए थे। दोनों के मन में एक अनजाना डर भी था। राजेश का तो मानो पूरा व्यक्तित्व ही बदल गया था। अमृता ने अब तक जो कुछ भी उसके परिवार के लिए किया था, वह सब एक के बाद एक मानो किसी फिल्म की रील की तरह उसके अंतर्मन में चलचित्र की भांति उभर रहा था। इन सभी बातों के कारण राजेश के मन में एक सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न हो गया था। इधर अमृता भी राजेश में आए इस बदलाव से खुश